भूखा प्यासा न कोई रहे,प्रेम की भाषा सबसे कहे”  त्रिवेणी संगम साहित्य समिति राजिम-नवापारा ने पंडित नेहरू को याद किया…


राजिम।स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन के अवसर पर स्थानीय गायत्री मंदिर सभागार में आयोजित विशेष काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने पंडित नेहरू पर केंद्रित विशेष काव्य गोष्ठी का आयोजन किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता किशोर निर्मलकर उपाध्यक्ष त्रिवेणी संगम साहित्य समिति राजिम-नवापारा ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित जवाहर लाल नेहरू के तैलचित्र की पूजा अर्चना के साथ हुआ।नेहरू जी के व्यक्तित्व एवम कृतित्व पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ कवि मोहनलाल माणिकपन,”भावुक”ने कहा कि पंडित जी आधुनिक भारत के निर्माता थे,आधुनिक भारत में औद्योगिक क्रांति एवम हरित क्रांति के क्षेत्र में आपका योगदान भुलाया नही जा सकता।इस पर आगे चर्चा करते हुए मकसूदन साहू,”बरीवाला”ने कहा कि,पंडित नेहरू जी ने भारतीय विदेश नीति को पंचशील एवम गुटनिरपेक्षता का सिद्धांत दिया,जो आज भी हमारे देश की बहुत बड़ी ताकत है।

गोष्ठी में भाग लेते हुए शिक्षक एवम साहित्यकार श्रवण कुमार साहू,”प्रखर”ने कहा कि नेहरू जी एक उच्च कोटि के लेखक एवम विचारक थे,”डिस्कवरी ऑफ इंडिया”उनके पांडित्य का सबसे बड़ा उदाहरण है।”बाल दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कवि किशोर निर्मलकर ने काव्यांजलि देते हुए पण्डित जी के उद्देश्य पर भावपूर्ण कहा कि,”भूखा प्यासा न कोई रहे,प्रेम की भाषा सब कहे”सुनाकर भाव विभोर कर दिया तो,कवि छग्गु यास अडील ने कहा कि, मेरी हर पल की उदासी यही कहती है,कहां गया वो इंसान”पढ़कर माहौल को ऊंचाई प्रदान किया।इसी तारतम्य में युवा कवि तुषार शर्मा”नादान”ने देशभक्ति से परिपूर्ण रचना”देश के अमर शहीदों की याद मुझे जब आती है, मनमे जलती क्रांति ज्वाला,एक आग सुलग सी जाती है।”पढ़कर रोमांच बढ़ा दिया।वहीं वर्तमान परिदृश्य पर प्रिया देवांगन”प्रियु”ने लाजवाब काव्य रचना करते हुए कहा कि,”कइसन कलजुग आगे हावय, रिश्ता नाता टूटत हावय पढ़कर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया।तो नया रायपुर से पधारे युवा कवि नरेंद्र कुमार साहू,”पार्थ”ने बाल दिवस पर उत्कृष्ट रचना पढ़ते हुए कहा कि,”बच्चे देश का भविष्य, खूब करो पालन पोषण”से बाल संरक्षण पर जोर दिया।कवि कोमल सिंह साहू ने कहा कि”फिर से आओ जवाहरलाल, हिंदुस्तान में करो कमाल”पढ़कर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया,तो गजलकार रामेश्वर रंगीला ने देशभक्ति पर शानदार गजल पेश किया।वहीं कवियत्री केंवरा यदु”मीरा”ने बाल गीत के माध्यम से बाल दिवस के स्मृति को समृद्ध किया, आभार प्रकट किशोर निर्मलकर ने किया,जबकि संचालन कवि श्रवण कुमार साहू,”प्रखर”ने किया।

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