दुर्गूकोंदल: आदिवासी संस्कृति संरक्षण के लिए हानपतरी में पाटांग, पीटोंग, हट्टोंग का आयोजन

By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गूकोंदल।आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए ग्राम हानपतरी में पाटांग, पीटोंग, हट्टोंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सर्कल अध्यक्ष धरमसिंह नरेटी, आदिवासी युवा प्रभाग के ब्लाक सचिव सामसिंह नरेटी, पूर्व जनपद अध्यक्ष जोहन गावड़े ने बताया कि आदिवासी समुदाय की एक समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा है जो आज आधुनिकीकरण के कारण लगातार विलुप्त हो रही है, इस विलुप्त होते सांस्कृतिक परम्परा के संरक्षण के लिए एक प्रयास किया जा रहा है। आदिवासी समुदाय की प्रत्येक जानकारी गीत, नृत्य और जनाऊला के माध्यम से एक दूसरे में संवाहित होते रहता है। समुदाय का हर ज्ञान श्रुति माध्यम से ही आगे बढ़ रहे हैं किन्तु भाषा का ज्ञान नहीं होने के कारण आज बहुत सारे विधा विलुप्ति के कगार पर हैं, इन विधाओं को सहेजने के लिए ही पाटांग(गीत), पीटोंग(कहानी) और हट्टोंग (जनाऊला) कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न गांव से पहुंचे हुए टीम ने हाना पाटा, रेला पाटा, मर्मिंग पाटा, जातरा पाटा, रिलो, सेरतांग, हुल्की गीतों के साथ गोंडी भाषा में कहानी व हट्टोंग बताकर प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रुप से गांव गायता बंशीलाल नरेटी, पटेल बिसुराम नरेटी, आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी, आदिवासी समाज के संरक्षक पंडित नरेटी, रमेश दुग्गा, सुकलाल नाग सरपंच बिसोन रतन नरेटी आदिवासी समाज के ब्लाक अध्यक्ष जगत दुग्गा, ब्लाक कोषाध्यक्ष चैनसिंह नरेटी, मयाराम कोमरा, प्रभूराम गावड़े, सरीद नरेटी, धनाजू नरेटी, सगऊ नरेटी, विजय कोमरा, अनिता गावड़े, राजेश्वरी गावड़े, पुनीता नरेटी, हेमलता नरेटी, गायत्री नरेटी, बोदराय तुलावी, नवलसिंह कल्लो, संजय गावड़े, पीयूष उसारे, धनीराम दर्रो, सुनील दर्रो, जीवन उयका, परमेश गावड़े, सुदराम गावड़े, हीरालाल मंडावी, बल्दू नरेटी, जयलाल कोमरा, मानसिंह गावड़े, सुकलाल तुलावी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आभार युवा प्रभाग सर्कल अध्यक्ष सुध्दू तुलावी व संचालन पुनऊ गावड़े ने किया।

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