दुर्गुकोंडल : चेमल खड़ेश्वर महादेव खंडीघाट में सीढ़ीयां की सुविधाए नही: शोभित पटेल

By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंडल । तीर्थ स्थल होने के बावजूद भी श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीयां तक नहीं, जितनी सीढ़ीयां बन पाया वे सब मंदिर समिति के शक्ति अनुसार,शासन प्रशासन ने माता बहादुरीन कलारीन का मंदिर और भवन बना तो दिया है। लेकिन और राम मंदिर, काली मंदिर और शिव मंदिर में अच्छे से सीढ़ीयां तक नहीं बन पाई।
हम बात कर रहे कांकेर जिले के दुर्गुकोडल कि,जहां दुर्गुकोडल से लगभग 15 किलोमीटर दुर, दुर्गम भरी सड़क से गुजरते हुए तीर्थ स्थल खडीघाट है। जो पहाडो से भरा आनन्दमय स्थल है। जहा का दृश्य अति मनमोहक है। लेकिन शासन प्रशासन को मंदिर व तीर्थ स्थल का दर्जा देते हुए। साधुओं और मंदिर के सेवको के लिए आश्रम का और निवास का व्यवस्था करना चाहिए।पल्लामारी, गढिया पहाड़, झलमला, बासला में से एक खडीघाट भी है जिसमें आज तक किसी भी प्रकार का कोई साधुओं व श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। काली मंदिर के सेवक श्री शोभित पटेल ने बताया कि नवरात्रि में महाशिवरात्रि में काफी दुर दुर से श्रध्दालु माता के दर्शन के आते है लेकिन यहा किसी भी प्रकार के श्रद्धालु व सेवकों के लिए कोई सुविधाए नहीं है और उन्होने यहां भी कहा का पहाड़ों के गुफाओं में अभी भी शेषनाग का वास है जो श्रद्धालु भक्ति लीन में खोया रहता है उसे आज भी स्वय शेषनाग पंचमुखी सर्प दर्शन देते हैं। और कहा पहाड़ों पर आज भी माता का शेर दहाड़ सुनने को मिलता है।शोभित पटेल ने श्रद्धालुओ के लिए खडीघाट में प्रतिक्षालय और बाबाओ और सेवकों के लिए आश्रम बनाने का मांग सामने रखा है।

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