अदभुत परिचय, लाईट ऑन तो प्रकाश गुल तो काले, नाम प्रकाश काले : योगेश राम बापट

कल्याण आश्रम के व्यस्थापक प्रकाश काले को सैकड़ो लोगों ने नम आंखों से दी श्रदांजली

जशपुर। अखिल भारतीय कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय व्यस्थापक प्रमुख व संघ के वरिष्ट प्रचारक प्रकाश काले का शनिवार सुबह नागपुर में निधन हो गया। उनकी स्मृति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम शोक में डुबा । सभी ने उन्हें श्रदांजली दी। इसी कड़ी में उसी शाम जशपुर जिले के कल्याण आश्रम स्थित बालासाहेब देशपांडे भवन में श्रदांजली सभा का आयोजन किया गया । इस मौके पर योगेश राम बापट अखिल भारतीय कल्याण आश्रम महामंत्री , मदन टेकाम ,गणेश राम भगत भाजपा अजजा पूर्व मंत्री , रामप्रताप सिंह भाजपा पूर्व संगठन मंत्री ,प्रदीप जैन , जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत,राजकपूर भगत , रामप्रकाश पांडे, डॉ मृगेंद्र सिंह , राजकिशोर सिंह , मधु पांडे ,वासुदेवराम यादव ,रामनिवास अग्रवाल, गोविंद राम भगत,कृपा शंकर भगत ,गंगा राम भगत समेत नगर के सैकड़ो लोग उपस्थित थे। सभी स्वर्गीय प्रकाश काले के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर नम आंखों से श्रद्धांजलि दी और दो मिनट मौन रहकर उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना किये। योगेश राम बापट ने अपने उदबोधन में प्रकाश काले के आकर्षक व्यक्तिव और साथ में गुजरे हुये पलों को याद करते हुये बताया जब पहली मुलाकात हुई तो नाम पूछने पर उन्होंने बताया लाइट के सामने जाकर लाईट ऑन तो प्रकाश लाइट बंद तो काले मुझे प्रकाश काले कहते है। अपने नाम को सरल अंदाज में बताने वाले प्रकाश को काम के पीछे कारण जानना पसंद नही था ,हर जवाब में यस चाहिये । जो काम नही होने वाला हो उसे भी अच्छे नतीजे पर ले जाते थे । प्रकाश काले कुशल, रणनीतिकार , राजनीतिक विशेषज्ञ और अच्छे विचारक थे। उनके नेतृत्व में कल्याण आश्रम के कई विकास कार्य हुये । पिता कम्युनिस्ट विचार धारा के थे और प्रकाश संघ से जुड़ गये इस वजह से पिता पुत्र के बीच मेल नही खाता था । पिताजी नाराज हो गये फिर पढ़ाई के लिये पैसे देना बंद कर दिये। उन्होंने एक साल पटाके बेचे पैसे कमाये और पिताजी के खाते में दो लाख पैसे डाल दिये और एम कॉम की पढ़ाई स्वयं के खर्चे से किये। वे नागपुर के रहने वाले थे वही राष्ट्रीय संघ में जुड़कर प्रचारक निकले फिर कल्याण आश्रम के विभिन्न पदों में रहकर विकास कार्यो को नींव से लेकर निर्माण तक पहुंचाने में उनका विशेष योगदान रहा। उनका जाना कल्याण आश्रम के लिये अपूर्ण क्षति है। भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री रामप्रताप सिंह ने कहा प्रकाश काले के माध्यम से अनेक लोग प्रेरित हुये । कार्यकर्ताओं को आत्म विश्वाश जगाना उनके मूल चिंतन में रहता था। उनका जाना समाज के लिए अपूर्ण क्षति है । जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत ने कहा प्रकाश काले किसी भी काम को सूझबूझ तरीके से त्वरित करते थे जिससे कठिन कार्य भी सहज परिवर्तित दिख रहा । आपसी धार्मिक मतभेद पर गहन चर्चा करते थे। उनके द्वारा अधूरे छोड़े कार्यो को पूरा करना सच्ची श्रद्धांजलि होगी। रायपुर कल्याण आश्रम में स्व.प्रकाश काले को कृष्ण कुमार वैष्णव,तुलसी तिवारी, अनुराग जैन ,राघव जोशी , श्रीमती अंजली समेत छात्रावास की बहनों ने श्रद्धांजलि दी।

बालासाहेब देशपांडे स्मृति भवन के निर्माण में योगदान

प्रकाश काले कल्याण आश्रम के शिल्पकार से कम नही थे । वे परिकल्पना को योजना बनाकर लक्ष्य तक जाते थे। नीव से निर्माण तक के कार्य के लिये सहयोगी जुटाने वे माहिर थे। उनके नेतृत्व में कल्याण आश्रम का कायाकल्प होने के साथ निर्माण कार्य भी हुये। मदन टेकाम ने बताया जशपुर जिले कल्याण आश्रम में स्थित बालासाहेब देशपांडे स्मृति भवन के निर्माण में उनका विशेष योगदान रहा।

जगदेव राम कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय में इलाज की सुविधा बढ़ी

डॉक्टर मृगेंद्र सिंह ने बताया वनवासी समाज की चिंता करते हुये प्रकाश काले ने जगदेव राम कल्याण आश्रम धर्मार्थ चिकित्सालय का कायाकल्प के साथ वहां इलाज की सुविधा बढ़ाई और चिकित्सकों की बहाली हुई । उनके मार्गदर्शन में गंभीर बीमारी से निजात पाने के लिये समय -समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा जिससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला।


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