दुर्गूकोंदल: ओलावृष्टि ने तबाही मचाई घरों के खपर टूटे,कई नुकसान

By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गूकोंदल। ओलावृष्टि ने बुधवार को ग्राम चाहचाड़ और सिंहारी में तबाही मचा दिया है। बारिश के साथ बड़े बड़े ओले गिरने से आंगन और गली पट गई। और घरों में छाये खपरैल टूट गई। औरक जगह जगह छेद हो गई है। सीमेंट सीट टूट गई। मुर्गी सुअर मर गये‌। घरों में रखे सैकड़ों क्विंटल धान और राशन सामग्री भीगने ग्रामीणों को बड़ी क्षति हुई है। चाहचाड़ और सिंहारी गांव के जंगल पेड़ों के पत्ते झड़ गये और जमीन हरा भरा दिखाई दे रही है। इधर कलेक्टर चंदन कुमार के निर्देश पर तहसीलदार आशीष देवहारी ने हल्का पटवारी को चाहचाड़ और सिंहारी गांव भेजकर क्षति का सर्वे कराई है। राजस्व विभाग ने सिंहारी में 108और चाहचाड़ में 74प्रकरण ओले क्षति होने की बनाई है। जनपद सदस्य देवलाल नरेटी ने भी प्रभावित गांव चाहचाड़ पहुंचकर ओलावृष्टि से हुई क्षति का निरीक्षण किया। ग्रामीण चांदूराम दुग्गा, कलीराम दुग्गा, ग्राम पटेल जगदीश दुग्गा, राजूराम कोमरा, हीरूराम सलाम, संतूराम सलाम ने बताया कि बुधवार को हुई ओलावृष्टि से हमारे गांव प्रभावित हुई है। सभी घरों के खपरा टूट जाने से क्षतविक्षत हो गया। और पानी घरों में घुस जाने धान और चावल पूरी तरह भीग गई है। मुर्गी और सुअर मर गये। रात्रि में फिर बारिश होने से रातभर जागते रहे। खपरे टूट जाने से घर मरम्मत करने लायक नहीं रह गई है। इन्होंने कहा कि जितनी क्षति ओलावृष्टि से हुई है। जिसकी भरपाई करना नहीं हो पायेगी। शासन प्रशासन इस क्षति के भरपाई के लिए तत्काल मुआवजा प्रदान कर राहत दे। ग्रामीण चुरोटिया दुग्गा, धरमसिंग दुग्गा ने बताया कि ओलावृष्टि से जमीन कहीं कहीं एक फिट ओला इकट्ठा हो गई। बर्फबारी जैसे ओले गिरने से हमारे गांव के लोग दहशत में आ गए। और खुद को बचाने पलंग और अन्य स्थानों में दुबके रहे। शुरूआती समय कम गिर रहे थे। इस समय घरों के बाहर पड़े समानों को संभाल रहे थे। जब सीमा से अधिक ओले गिरे तो खुद की जान बचाने छुपना पड़ा। राम गावड़े, श्यामसिंह, धरम कोमरा ने बताया कि अधिक ओले गिरने से खड़े पेड़ों के पत्ते जमीन पर गिर पड़े। और जमीन रास्ता हरे भरे पत्तों से पट गया। और पेड़ खाली दिखाई दे रहे हैं। तहसीलदार आशीष देवहारी, पटवारी जयकुमार कश्यप ने बताया कि कलेक्टर चंदन कुमार के मार्गदर्शन पर प्रभावित गांव चाहचाड़ में 74 लोगों का प्रकरण और सिंहारी में 108लोगों का प्रकरण बनाया गया है। सिंहारी में चुरोटिया दुग्गा 12मुर्गी और धान, मानिक सलाम 1 सुअर, घासी सलाम 20मुर्गी, कल्याण दुग्गा 50क्विनटल धान, राजूराम कोमरा 70क्विटल धान, 3मुर्गी, रमेश दुग्गा 80क्विंटल धान, संतूराम सलाम 40क्विंटल धान और 30नग कुसुम पेड़ से लाख क्षति हुई, रामजी वड्डे 1मुर्गा, धान ऐसे ही सभी घरों के क्षत का खपरा टूट गई और धान मुर्गी व अन्य क्षति हुई है। तहसीलदार आशीष देवहारी ने कहा कि पटवारी ने क्षति का आकलन किया। प्रतिवेदन मिलते ही शासन के नियमानुसार जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुआवजा ग्रामीणों को दी जायेगी। जनपद सदस्य देवलाल नरेटी ने कहा कि ग्राम चाहचाड़ में ओलावृष्टि से धान, खपरा व अन्य क्षति हुई है। जिला प्रशासन से मांग है कि अधिक से अधिक मुआवजा राशि प्रदान की जाये ताकि लोग की नुकसान की भरपाई हो।

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