ऑनलाइन ब्लड कॉल सेंटर चला रहे जागरूक युवा, इसमें 80 हजार लोग संगठित अब तक रक्तदान कर 23 हजार लोगों की बचाई जान

छत्तीसगढ़

महासमुंद / सराईपाली • आज विज्ञान बहुत सक्षम हो चुका है और अब तो लैबोरेटरी में तमाम तरह की दवाएं, वैक्सीन और एंटीबायोटिक भी तैयार की जाती है लेकिन जिंदा रहने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी खून (Blood) को अभी तक नहीं बनाया जा सका है | ब्लड का कोई विकल्प नहीं है | खून की कमी को केवल ब्लड डोनेशन के द्वारा ही पूरा किया जा सकता है | इसलिए रक्तदान को महादान कहा जाता है | रक्त की कमी को पूरा करने और अधिक से अधिक रक्त दाताओं को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिये जाग्रत युवा मंच के बैनर तले रक्तदान सेवा समिति का गठन किया गया, जिसका एकमात्र उद्देश्य जरूरतमंद मरीज तक किसी भी वक्त निःशुल्क उपलब्ध कराना है.

समिति के अध्यक्ष मुस्तफीज आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि हमने देखा कि लोगों को खून के लिये दर दर भटकना पड़ रहा है, कोई खून का व्यापार कर रहा है तो किसी जरूरतमंद को वक्त पर जागरूकता के अाभाव में खून उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, समस्या को देखते हुए रक्तदान सेवा समिति गठन किया गया जिसका एक मात्र उद्देश्य सहयोग की भावना से रक्तदान करना तथा रक्तदान हेतु जन जागृति लाना है. समिति के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम प्रधान ने आगे बताया कि हमने कुछ ग्रुप बनाये हुए थे व्हाट्सएप्प एवं फेसबुक जैसे सोशल मिडिया में जिसका सही उपयोग हमने रक्तदाताओं को जोड़ने में किया और सबसे पहले एक ग्रुप बनाया जिसमें हम सभी सदस्यों का नाम, पता और ब्लड ग्रुप मांगकर सेव रखते जाते एवं किसी को ब्लड की आवश्यकता होने पर उन्हें फोन के माध्यम से सूचित कर उन्हें निःशुल्क रक्तदान करवाते फिर रक्तदाता के फोटो वायरल कर उनका उत्साहवर्धन करते ! समिति के वरिष्ठ संचालक देवराज लोहा ने बताया कि रक्तदान सेवा समिति सबसे अलग तरह से कार्य कर रही है हम सबसे पहले रक्त की जरूरत को उनके घर से ही पूरा करने का प्रयास करते हैं, मरीज के परिजन को जागरूक कर उन्हें रक्तदान हेतु प्रेरित करते हैं, परिजन में किसी के सक्षम न होने पर मरीज का नाम, पता, ब्लड ग्रुप और मरीज के किसी परिजन (अटेंडर) का मोबाईल नंबर डालकर रक्तदान सेवा समिति के लगभग 150 व्हाट्सएप्प ग्रुप में तथा फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि में शेयर करते हैं जिसके वायरल होते ही मरीज के परिजन के मोबाईल नंबर पर कॉल आने शुरू हो जाते हैं एवं सुविधानुसार रक्त दाता रक्तदान कर आते हैं ! समिति के वरिष्ठ संचालक पंकज मेश्राम ने बताया कि रक्तदान सेवा समिति कभी रक्तदान शिविर का आयोजन नहीं करती बल्कि ये “ऑनलाइन ब्लड कॉल सेन्टर” चलती फिरती ब्लड बैंक हैं, आज कल जन्मदिन से लेकर शादी की सालगिरह तक के दिन जरूरतमंदों को रक्तदान के लिये फोन आते हैं, लोग स्वयं से आगे बढ़कर हमें अनुरोध करने लगे हैं कि जब भी रक्त की जरूरत हो हमें कॉल करें. वहीं पिछले 6 वर्षों में हमारे द्वारा स्कूलों में जाकर सिकलीन जाँच शिविर, जागरूकता अभियान, क्रिकेट रक्त वीर कप आदि कई कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है. वहीं संचालक राजेश चौहान ने बताया कि 06 वर्षों में हमारे देखा देखी कई समिति एवं ग्रुप का निर्माण हुआ फिर रक्तदान सेवा समिति की व्यापकता के पीछे हमारे संचालकों की एक टीम लगी हुई है. समिति सराईपाली, बसना, सारंगढ़, रायगढ़, सोहेला, बिलासपुर, रायपुर, अंबिकापुर, महासमुंद आदि शहरों में अपने नियुक्त संचालकों के माध्यम से प्रतिदिन 30-40 लोगों तक रक्तदाताओं के माध्यम से ब्लड डोनेशन के कार्य में कार्यरत है, रक्तदान सेवा समिति के कर्मठ सदस्य प्रवीण प्रधान, अरूण भोई, जितेश साहू, पारसमणी सेन, अनुरोध चौहान, अजय टंडन, उतम कठार,लोकेश यादव, मुखीराम पटेल, अजय राणा, भोजराज बारिक, गुमान सिंग, नरेश बरिहा, रितेश साहू, सुनील सागर, ठण्डाराम पटेल, विद्या पटेल, खिलेश साहू धीरेन्द्र कर, धर्मेन्द्र तांडी आदि तन्मयता से समाजसेवा में लगे हुए हैं !

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