मनरेगा कर्मी अपने दो 2 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल में डटे

by।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंदल :मनरेगा कर्मी 43 वें दिन भी डटे हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर संकट, रोजी रोटी के लिए मजदूर भटकने पर मजबूर – ब्लॉक इकाई दुर्गुकोंदल द्वारा मनरेगा महासंघ के प्रांतीय आहवान पर विगत 4 अप्रैल से अनिश्चित कालीन कामबंद कलम बंद धरना प्रदर्शन जारी है ।जो कि चरण बद्ध तरीके से चल रहा है, मनरेगा कर्मी अपने दो सूत्रीय माँग को लेकर डटे हुए हैं इतनी लंबी हड़ताल से सीधा सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है जिससे मजदूर रोजी रोटी के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं ।ब्लॉक ईकाई दुर्गुकोंदल के अध्यक्ष मानसू आँचला व उपाध्यक्ष राकेश साहू ने कहा कि हम विगत 4 अप्रैल से हड़ताल में बैठे हैं लेकिन आज पर्यन्त तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है हमारी दो सूत्रीय माँग है जिसे लेकर हम हड़ताल में डटे हुए हैं हमारी जैसी ही माँग पूरी होगी हम मजदूर को पहले की तरह रोजगार देना चालू कर देंगे ।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मनरेगा ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन में वृद्धि करते हुए 5000-6000 से 9540 किया है जो कि स्वागत योग्य है लेकिन माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन है कि हमारी मुख्य माँग नियमितीकरण व ग्रेड पे निर्धारण करते हुए पंचायत नियमावली 1966 को लागू करना है जो कि शासन हमारी मांगो पर जल्दी विचार करें ताकी हम समस्त कर्मचारी अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर अपनी जिम्मेदारी निर्वहन कर सकें और मजदूर को भी मजदूरी के लिए भटकना न पड़े। अनिश्चितकालीन हड़ताल में नरेन्द्र पटेल,मधु ठाकुर, कुश मानिकपुरी जागेश कुलदीप, परमेश्वर अंधारे, प्रदीप बघेल रमेश नरेटी, अशोक गाँवर, बुधराम मण्डावी, बिहारी उसेण्डी, पिनय नायक, सुशील आँचला, घनश्याम कोमरे, भगवंतीन दुग्गा, सुशीला कोरेटी, कोतिमा बढ़ाई, पूनम देहारी व समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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