दुर्गुकोंदल : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शिक्षकों द्वारा प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया

by।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंदल।21 जून मंगलवार अंतराष्ट्रीय योग दिवस का विकास खंड दुर्गुकोंदल के अंतर्गत आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कोदापाखा व 167 वी बीएसएफ सीओबी कोदापाखा के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोदापाखा के खुली मैदान में संजय वस्त्रकार व अभिलाष, बीएसएफ़ 167 वी बटालियन के साथ दुर्गुकोंदल के नागरिक कर्मचारियो को शंकरदास नागवंशी,स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय दुर्गुकोंदल में संजय वस्त्रकार,आयुष सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोडेकुर्से व बीसएफ कैम्प चाउरगांव डॉ व्ही एस भदौरिया व शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया।
पतंजली खंड प्रमुख संजय वस्त्रकार ने प्रोटोकॉल का अभ्यास कराते हुए कहा कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने पहले ही मानवता के लिए योग को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (2022) की थीम के रूप में घोषित किया है।योग से स्वानुशासन आता है जिससे हम संतुलन बनाना सीखते है,योग मन को आत्मा से,आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम है,योग का प्रतिदिन अभ्यास करने से मानसिक,शारिरिक व आध्यात्मिक विकास होता है।अभ्यास क्रम में उपस्थित 167वी बताली6 के जवानों,ग्रामीणों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों को
चालन के अभ्यास में ग्रीवा चालन, स्कंध,कटी,घुटना संचालन का अभ्यास, खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन,वृक्षासन,पादहस्तासन,अर्ध चक्रासन,त्रिकोणासन,बैठकर किए जाने वाले आसन में दंडासन,भद्रासन,वज्रासन,अर्ध उष्ट्रासन,उष्ट्रासन,शशकआसन, उत्तान मंडूकासन,मरीच्यासन अर्थात वक्रासन,पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन में मकरासन,भुजंगासन,शलभासन,पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसन में सेतुबंधासन,उत्तानपादासन,अर्ध हलासन,पवनमुक्तासन के लाभ व सावधनियाँ बताई गई ,आसनों के अभ्यास के बाद शवासन का अभ्यास जराया गया। प्राणायाम में कपालभाति,अनुलोम विलोम,शीतली,भ्रामरी के लाभ व सावधनियाँ बताई गई साथ ही ध्यान कराने के बाद संकल्प के साथ विश्व कल्याण हेतु शांति पाठ किया गया। डॉ के व्ही गोपाल आयुर्वेद चिकित्सक द्वारा योग शिक्षक संजय वस्त्रकार व अभिलाष का पुष्पगुच्छ व श्रीफल से सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अशोक कुमार मील असिस्टेंट कमांडेंट,डी आर कश्यप प्राचार्य संपत नरेटी ने कार्यक्रम को संबोधित किया।डी आर खरे,सीमा कावड़े,सविता कोमरे,जगदीश मरकाम का कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा।दुर्गुकोंदल 167 वी बटालियन कैम्प में मयंक उपाध्याय कमांडेंट के मार्गदर्शन में स्थानीय आम जनता के साथ बीएसएफ के जवानों ने प्रोटोकॉल का अभ्यास किया।

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