कम्बोडिय में लोक साहित्य व संस्कृति के क्षेत्र छत्तीसगढ़ के साहित्यकार हुवे सम्मानित

छत्तीसगढ़

रायपुर। मणीबेन नानावटी महिला महाविद्यालय, मुम्बई के हिन्दी विभाग एवं लिंकन यूनिवर्सिटी, मलेशिया के संयुक्त तत्वावधान तथा छत्तीसगढ़ मित्र, रायपुर नवपारिजातम, मुम्बई एवं उत्पल शोध पत्रिका, जयपुर के सहयोग से 05 जून 2019 को कम्बोडिया के सिएम रीप Siem Reap के एंगकोर सेन्चुरी रिसोर्ट के सभागार में मानविकी एवं समाज विज्ञान का चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में “मिडिया, समाज और संस्कृति” विषय पर रायपुर (छत्तीसगढ़) की लोक साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट एवं उल्लेखनीय पहचान बनाने वाली डॉ. मृणालिका ओझा ने अपना शोध पत्र एवं राजेंद्र ओझा ने कविता एवं लघुकथा का पाठ किया। इस सम्मेलन में डॉ मृणालिका ओझा, राजेंद्र ओझा सहित अन्य साहित्यकारों को भी प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
उपरोक्त सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता अपसरा नेशनल अथॉरिटी, कम्बोडिया के निदेशक डॉ पियू हेंग थे। डॉ अर्चना शास्त्री, निदेशक, मेकोंग-गंगा काॅपरेशन एशियन ट्रेडिशनल म्यूज़ियम, कम्बोडिया एवं कथाकार/आलोचक रोहिणी अग्रवाल कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं मणीबेन नानावटी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ राजश्री त्रिवेदी, कार्यक्रम की अध्यक्ष थीं।
इस सम्मेलन में रायपुर (छत्तीसगढ़) से डॉ सुधीर शर्मा, राजेंद्र ओझा, डॉ तृषा शर्मा, जे के डागर, डॉ मधुलिका अग्रवाल, डॉ युक्ता राजश्री, डॉ उर्मिला देवी उर्मि, डॉ ऊधो साहू, ऐश्वर्य, ह्रषीक ओझा, संध्या श्रीवास्तव, शिखा दास आदि के साथ डॉ रूपा सावरीचारी (गोवा), डॉ मेनका त्रिपाठी (हरिद्वार), डॉ रविन्द्र कात्यायन, डॉ सुनीता शर्मा, डॉ जयश्री पालित, प्रेरणा रामटेके, डॉ प्रग्नया शुक्ला, डॉ ईला वेद, डॉ मिताली, डॉ सुधा शर्मा, डॉ सोनाली कपूर, डॉ अर्चना रंगारी, डॉ संगीता टंडन, प्रदीप टंडन, डॉ जवाहर कर्नावत, प्राची कर्नावत, डॉ वत्सला शुक्ला, मुम्बई, डा मीनाक्षी कूरने , डॉ विनायक कूरने, सांगली, लखनऊ से डॉ बलराम गुप्ता, जयपुर से जगदीश तोशनीवाल सहित भारत से करीब 40 से ज्यादा साहित्यकारों, प्राध्यापकों आदि उपस्थित हुए।

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