गुनरस पिया फाउंडेशन की सांगीतिक बैठक में कलाकारों ने दिया रंगारंग प्रस्तुति

छत्तीसगढ़

रायपुर।गुनरस पिया फाउंडेशन GPF की 92 वी मासिक सांगीतिक बैठक आज शाम को दीपक व्यास के निवास ,व्यास भवन बूढ़ापारा अनेक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। बैठक का विषय फिल्मी गीत था। विदित हो कि गुनरस पिया फाउंडेशन हर माह अपने सदस्यों के लिए सांगीतिक बैठक का आयोजन करता है,जिसमे महिला, पुरुष और बालक सदस्यगण भी अपनी अपनी सांगीतिक प्रस्तुतियां देते हैं। सँस्था का उद्देश्य है हर गायक ,वादक को मंच प्रस्तुति के योग्य बनाना और इन्हें मंच देना। विगत साढ़े सात वर्षों से निंरतर मासिक सभाएँ आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में अगली बैठक आज शाम सभी सदस्यों ने नए पुराने फिल्मी गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया। रग्घूराम पटेल ने छतीसगढ़ी गीत प्रस्तुत किया उनके,पुत्र वीरेंद्र ने तबले पर संगत की। आरना देवास्कर ने ,मोरे परदेसिया, लक्ष्मण दीवान ने ये तो सच है कि भगवान है,निर्झर चांडक ने तुझे याद कर लिया आयत की तरह, अपेक्षा डोंनगांवकर ने जाइये आप कहाँ जाएंगे,प्रज्ञा त्रिवेदी ने इन आँखों की मस्ती के दीवाने हज़ारो हैं, गार्गी काले हवाओं में बहेंगे, घटाओं में रहेंगे, अनमोल साहू, मिले हो तुम हमको, दक्षा जैन ने आ जा सनम मधुर चांदनी में हम श्रीचंद आठवानी जन्म जन्म का साथ है निभाने को , महेंद्र चौहान ने रिमझिम के गीत सावन आये गीत पर बाँसुरीवादन किया, उसके पश्चात नीलिमा मिश्रा ने ऊंची ऊंची डोरी से, पुष्पलता रेड्डी ने ये जिंदगी उसी की है, कांति बरलोटा ने , मैं पल दो पल का शायर हूं, आलोक त्रिवेदी ने झुकी झुकी सी नज़र, मनीषा त्रिवेदी के द्वारा सितार वादन, दीपक हटवार ने बाजूबंद खुल खुल जाए ठुमरी प्रस्तुत की ,जयश्री साकल्ले द्वारा दिल की नज़र से, रचना चांडक ने रुके रुके से कदम प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का संचालन मोहिता देवास्कर ने किया
।सभी प्रस्तुतियों के साथ शानदार तबला संगत की गिरीश काले ने और हॉर्मोनियम पर मधुर सुर संगत की दीपक व्यास ने। दीपक व्यास ने बैठक के अंत मे छतीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कला व संस्कृति के पुरोधा खुमान लाल साव, एवम संस्था के सक्रिय सदस्य नीलम सोना की माताजी के आकस्मिक निधन पर शोक प्रकट कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर शहर के अनेक सँगीत प्रेमी व्यास भवन में उपस्थित रहे ।

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