विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन को स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

छत्तीसगढ़


रायपुर। विश्व सिकलसेल दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं सिकलसेल संस्थान की ओर से रायपुर के न्यू सर्किट हाउस सभागार में सिकलसेल समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने सिकलसेल के प्रति प्रदेश के विभिन्न इलाकों में जागरुकता हेतु से निरन्तर सक्रिय सेवा देने के लिए विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश दीवान को सम्मानित किया।


समाजसेवी संस्था विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश दीवान द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार उनके संगठन द्वारा सिकलसेल के प्रति लोगों को जागरूक करने का निरन्तर प्रयास करते हुए विवाह पूर्व विभिन्न समाज के परिचय सम्मेलनों के दौरान निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है जिसमे सिकलसेल संस्थान रायपुर के सहयोग से युवकों और युवतियों का निशुल्क सिकलिंग परीक्षण किया जाता है तथा सिकलिंग रोग की जानकारी देते हुए विवाह करने का सुझाव दिया जाता है। इस क्रम में विप्र स्वास्थ्यसेवा संगठन द्वारा रायपुरा में निषाद समाज के परिचय सम्मेलन, कांकेर में यादव समाज के परिचय सम्मेलन, रायपुर में अघरिया समाज के लिए इस तरह का आयोजन किया गया। साथ ही भाटापारा के मौलिमाता मंदिर में विशाल स्वास्थ्य शिविर के आयोजन के दौरान ग्रामीणों का सिकलसेल परीक्षण किया जा चुका है। संगठन द्वारा सिकलसेल जागरूकता हेतु राज्य के विभिन्न स्थानों में सक्रियता पूर्वक सेवाकार्यो की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवम स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने विप्र स्वास्थ्य सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश दीवान को शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ मे संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ दिनेश तिवारी भी उपस्थित थे।
सिकलसेल संस्थान रायपुर और छग शासन स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह के दौरान मुख्य रूप से छग के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, अभनपुर के विधायक धनेन्द्र साहू, स्वास्थ्य सचिव निहारिका सिंह बारीक व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि सिकलिंग एक पुश्तैनी और लाइलाज बीमारी है जो कि माता पिता के द्वारा बच्चों में संक्रमित होता है। इस रोग को कम करने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ साथ विवाह पूर्व युवक युवती का सिकलिंग परीक्षण अनिवार्य होता है। यदि माता और पिता दोनो में सिकलसेल के लक्षण हों तब होने वाली सन्तान को सिकलसेल रोग लगभग अवश्यम्भावी होता है।


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