शहर में पानी के लिए भीषण समस्या पर एसईसीएल नही कर रहा सहयोग : महापौर 

छत्तीसगढ़

चिरमिरी – कोयला नगरी चिरमिरी में दूर-दूर बसाहट के कारण पेयजल आपूर्ति में जी जान लगाकर नगर निगम क्षेत्र में इस भीषण गर्मी में नगर निगम टीम द्वारा किये प्रयत्नों एवं मेहनत पर प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए महापौर ने चिरमिरी शहर को पेयजल वितरण में भागीदारी निभाने वाले विधायक श्री जायसवाल और समाजसेवी लखनलाल श्रीवास्तव को धन्यवाद दिया है। लेकिन इस बीच एक बड़ा चौंकाने वाले आशंका की ओर इशारा करते हुए कहा है कि यदि महज कागजों में टैंकर चलाने का षडयंत्र एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र द्वारा चलाया जा रहा है तो उसका भुगतान न किया जाय. उक्ताशय का पत्र नगर पालिक निगम चिरमिरी महापौर के. डोमरु रेड्डी द्वारा महाप्रबंधक एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र को लिखते हुये भीषण गर्मी में उनकी संस्था द्वारा पिछले वर्षों से जारी परम्परानुसार चिरमिरी शहर के कालोनियों में श्रमिकों को पानी उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण प्रेषित की गई है.

महापौर ने अपने पत्र में पेयजल वितरण पर एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र का ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि इस वर्ष भीषण गर्मी में नगर निगम द्वारा अपने उपलब्ध संसाधन अनुसार 12000 ली के 2 टैंकर, 9000 ली के एक टैंकर, मिनी टैंकरों में 4500 लीटर के चार, 2500 के दो टैंकरों सहित 3500 लीटर के दस सहित विभिन्न क्षमताओं के लगभग 31 ट्रेक्टर टैंकरों से जल वितरण के साथ – साथ क्षेत्रीय विधायक श्री विनय जायसवाल एवं उनके कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से वार्ड – वार्ड में नियमित रूप से पेयजल व्यवस्था एवं समाज सेवी लखनलाल श्रीवास्तव द्वारा 2 टैंकरों से शहर में पानी की कमी को दूर किया जा रहा है.

महापौर ने चिन्ता व्यक्त करते हुए लिखा है कि पानी की बड़ी समस्या के बीच विपरीत परिस्थितियों में हमने भरसक प्रयास किया है कि लोगों को दिक्कत न हो. फिर भी एसईसीएल की ओर से हुये असहयोगात्मक रवैया भारत सरकार के एक सार्वजनिक उपक्रम के लिये ठीक नही है. पत्र में आग्रह करते हुई महापौर श्री रेडडी ने लिखा कि आने वाले वर्षों में इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का विशेष ध्यान रखते हुए जंगरहित पानी टैंकरों से संचालित कराया जाय. साथ ही इस वर्ष केवल कागजों पर टैंकर चलाने का यदि कोई षडयंत्र रचा जा रहा हो तो कृपया उनके बिलों का भुगतान कदापि न किया जाय. साथ ही यह भी आरोप लगाया कि पूर्व के वर्षो में भी इसी प्रकार के कथित जल वितरण के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया था, जिसकी समुचित जांच किया जाकर उचित कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होने कहा है कि कब कितने टैंकर किस स्थान पर और किस प्रभारी अधिकारी/कर्मचारी के देखरेख में टैंकरों से जल आपूर्ति की गई है, ये गम्भीर जॉंच का विषय है। इसके लिए महापौर द्वारा कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्य सतर्कता अधिकारी बिलासपुर को भी उक्त प्रकरण से अवगत कराया है. शहर के एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के द्वारा यदि पेयजल पानी वितरण में एसईसीएल चिरमिरी पर चल रहे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं तो निश्चित रूप से जहां एक ओर कोयला प्रबन्धन की आमजनों के प्रति जिम्मेदारी से भागना प्रदर्शित करता है वहीं दूसरी ओर पानी के खेल में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार पर उंगली उठना सत्यता के समीप दिखाई पड़ता है.

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