आन्ध्र प्रदेश के ठेकेदार के पास पढ़ने वाले 15 बंधक बालकों को जिला बाल संरक्षण ईकाई द्वारा वापस लाया गया

छत्तीसगढ़

रायपुर।जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया क लिखित शिकायत के आधार पर जिले के लगभग 15 बालकों को एक ठेकेदार द्वारा बहला फुसला कर काम करवाने के लिए विजयवाड़ा शांति नगर आन्ध्र प्रदेश ले जाया गया है और अध्ययनरत बालकों को वापस नहीं आने दे रहा है। बालकों के माता-पिता द्वारा जिस फोन पर उनकी बात होती थी वो नंबर प्रदाय करते हुए बालकों को जिला सुकमा वापस लाकर उनके सुपुर्द करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया। उक्त आवेदन जिला बाल संरक्षण अधिकारी जितेन्द्र सिंह बघेल द्वारा कलेक्टर महोदय के संज्ञान में लाया गया। कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा तत्काल एक्शन प्लान बनाते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई एवं पुलिस विभाग की टीम गठन हेतु पुलिस विभाग से नामांकन प्रापत करने के लिए निर्देशित किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा पत्र में प्रदाय नंबर को पुलिस विभाग के सहयोग से टेªस करते हुए वर्तमान में स्थिति ओंगोल जिला प्रकाशम (आन्ध्र प्रदेश) ज्ञात हुआ। जिला बाल संरक्षण इकाई से विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी चन्द्र किशोर बघेल, संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत देखरेख सुश्री मनीषा शर्मा एवं आउटरीच वर्कर विलियम तिग्गा तथा पुलिस विभाग से कोन्टा थाना उप निरीक्षक शिवानंद सिंह एवं 2 आरक्षक (1पुरूष 1 महिला) को नामांकित किया गया। आंध्रप्रदेश के जिल प्रकाशम के कलेक्टर को रेस्क्यू अभियान में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए समन्वय स्थापित किया गया। कलेक्टर महोदय द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम का गठन करते हुए बालकों को सुकमा जिला वापस लाने के लिए टीम को निर्देशित किया गया।
24 जून 2019 को संयुक्त टीम ओंगोल जिला प्रकाशम (आंध्रप्रदेश) के लिए रवाना हुई। कलेक्टर सुकमा द्वारा प्रेषित पत्र को लेकर सुकमा टीम, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाशम के साथ संयुक्त कलेक्टर से मिले और उन्हें उक्त परिस्थितियों से अवगत कराते हुए पत्र दिया, पत्र पढ़ने के बाद संयुक्त कलेक्टर महोदया द्वारा तत्काल सभी संबंधित तहसीलदार, पुलिस, श्रम, जिला बाल संरक्षण अधिकारी को ठेकेदार से संपर्क कर बालको को सुरक्षित बाल कल्याण समिति प्रकाशम में प्रस्तुत करने एवं ठेकेदार के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करते हुए बालको की मजदूरी उन्हें प्रदाय कराने के लिए निर्देशित किया गया। तत्काल प्रकाशम् एवं सुकमा की संयुक्त टीम उक्त स्थान पर पहुंची एवं ग्राम पंचायत कोर्रा जिला सुकमा के लगभग 15 बालकों को रेस्क्यू किया गया। इसके पश्चात् समस्त बालको को अस्थाई आश्रय देते हुए अगले दिवस बाल कल्याण समिति प्रकाशम में प्रस्तुत किया गया जहां बालको से समिति के सदस्यों ने परामर्श प्रक्रिया कर उन्हें सुकमा टीम को सुपूर्द किया।
28 जून 2019 को प्रातः 4 बजे सुकमा टीम सभी बच्चों को लेकर सुकमा पहुची अस्थाई आश्रय देते हुए उन्हें बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया गया है जहां समिति द्वारा उनके परिजनों को सुपूर्द करते हुए उनकी मजदूरी की राशि उन्हें दी गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा बतलाया गया कि प्रकरण कलेक्टर महोदय के संज्ञान में आते ही उनके द्वारा त्वरीत कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही आमजनो,समस्त सरपंच सचिवों को बालको के प्रति सजग रहते हुए दलालों की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थानो में सूचना देने के लिए अपील की है, ताकि बालको के पलायन को रोका जा सके।

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