सड़क किनारे पेड़ो पर चल रहा है लगातार कुल्हाड़ी, विभाग मौन

छत्तीसगढ़

मगरलोड ।नयापारा से मगरलोड जाने वाली सड़क में वन विभाग द्वारा सड़क किनारे दर्जनों पौधरोपण कई वर्ष पहले किया गया था। जो यह पौधे अब पेड़ का रूप ले लिया है। करेली बड़ी,कुंडेल सड़क मार्ग के दोनों किनारे छायेदार फलदार पौधे और पेड़ लगा हुआ है। जिस पर ग्रामीणों द्वारा कुल्हाड़ी चलाकर पेड़ पौधा का निजी उपयोग किया जा रहा है।ग्रामीणों को सड़क किनारे छाया उपलब्ध कराने वन विभाग ने नर्सरी तो लगाई है जहां पेड़ पौधा का संरक्षण होने के बजाय कुल्हाड़ी चल रही है।रविवार को एक व्यक्ति
कुल्हाड़ी लेकर कहवा की पतली पेड़ की निर्मम कटाई कर अपने खेतों में अवरोधक बना रहे थे।जो निजी स्वार्थ के लिए सड़क किनारे एक पेड़ की कटाई कर दी। जिसकी चिंता उक्त ग्रामीण कृषक भी नही है। आय दिन करेली कुण्डेल सड़क मार्ग में कुल्हाड़ी चलता रहता है। सड़क किनारे कहुवा, शीशम,गुलमोहर,बबूल, बांस,आंवला समेत अन्य पेड़ पौधे लगा हुआ है। जो सड़क के दोनों किनारे को मनमोहक छाया की सुविधा दे रहे मगर ग्रामीणों जागरूकता और निजी स्वार्थ के चलते पेड़ पौधे की कुल्हाड़ी मारकर कटाई की जा रही है।।सड़क किनारे लगे नर्सरी पेड़ पौधे की सुरक्षा इंतजाम नही होने से ग्रामीणों अपने सुविधा अनरूप पेड़ पौधे की कटाई कर ले जाते है।सड़क किनारे लगे पेड़ पौधे की सुरक्षा के लिए फेसिंग तार लगाया गया था जो आज देखने नही मिलते। मावेशी भी सड़क किनारे पौधे की चराई कर नुकसान पहुंचाते हैं। वन विभाग समेत जनप्रतिनिधियो को सड़क किनारे लगे बहुमूल्य पेड़ पौधे की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। नही तो सडक़ किनारे मिलने वाले छायादार नसीब नही होगा।वन विभाग और जनप्रतिनिधि को नर्सरी की सुरक्षा लेना चाहिए। हवा तूफान से गिरे बड़े बड़े पेड़ करेली बड़ी कुंडेल सड़क किनारे में जब हवा तूफान हुई तो बड़ी संख्या में पेड़ पौधे टूट कर गिर गया। ये सब पेड़ पौधे कहा गया किसी को पता नही। नही वन विभाग ,न ही जनप्रतिनिधि को गिरे पेड़ की पूछ परख करते है।कुछ गांव में सड़क किनारे हवा तूफान से गिरे पेड़ पौधों को जनप्रतिनिधि जागरूक दिखाता एकत्र किया गया। इसको लेकर जब हमनें रेंजर प्रभारी उत्तर सिंगपुर मोहदी से जानकारी लिया तो उनका जवाब स्थल में जाकर चेक करवाता हु यही रहा।

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