मगरलोड में नही हो रहा है तास पत्ती बन्द,आखिर कारण क्या है ,क्या पुलिस का मिल रहा है सहयोग

क्राइम छत्तीसगढ़


धमतरी .जिले के थाना मगरलोड क्षेत्र में लगातार ग्राम डूमरपाली,नारधा और नवागांव के नर्सरी एवं थाना कुरुद क्षेत्र के ग्राम नारी में धुंआधार जुआ की महफिल सजाई जाने की खबर आ रही है। जो आसपास के गांवों में चर्चा का विषय बना है। कि पुलिस बड़े खाईवालों पर कार्यवाही न करके छोटे-छोटे जुआरियों को पकड़कर कार्यवाही कर रही है। आखिर बड़े जुआरी और खाईवालों के खिलाफ कार्यवाही करने में क्या परेशानी है। पुलिस की इस गतिविधियों से ग्रामीणों में काफी रोष है। जो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन का रूप ले सकती है। कई ग्रामीण को पुलिस की मिलीभगत बता रहे है। सभी जुआरी एवं खाईवाल नयापारा-राजिम की बताई जा रही है। जो मिलीभगत कर बेखौप 52 पत्ती के जरिये हार-जीत का दांव लगा रहे है।इसकी चिंता जनप्रतिनिधियों को भी नही है। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी भी अनेक संदेहों को जन्म दे रही है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जुआरी तथा खाईवाल दोपहर 1 बजे के आसपास नर्सरी की तरफ चार पहिया वाहन में सवार हो कर आते है और 6 बजे चले जाते है। ग्रामीणों को जानकारी न हो इसलिए वे लोग सप्ताह में 4-5 दिन ही आते है। एक तरफ पुलिस सामुदायिक पुलिसिंग के जरिये गांव गांव जाकर लोगो को विभिन्न अपराधों की जानकारी देने में लाखों रुपये फूंक रही है। वही इसके विरुद्ध उसी क्षेत्र में जुए का बड़ा खेप का संचालित होना पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रही है। बाजार में ये चर्चा है कि स्थानीय विभिन्न समाचार/चैनल के प्रतिनिधियो द्वारा खबर मिलने पर समय-समय पर जुए,सट्टा एवं अवैध शराब जैसे मामलों को प्रमुखता से प्रकाशन किया जा रहा है। परंतु इसके विपरीत किसी प्रकार का सुधार या रोक लगने जैसी स्थिति अब तक नही बनी है। जुआ,सट्टा शराब को एक सामाजिक बुराई के तौर पर देखा जाता है। क्षेत्र में इसके संचालन से छोटे छोटे बच्चे भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है जिनके कारण उनका भविष्य अंधकारमय तथा गर्त में जा रहा है,इसकी चिंता कोई करने वाला नही है। सरकार भी नशा मुक्ति के नाम पर करोड़ो खर्च कर रही है वही दूसरी ओर खुद शराब बेचने में लगी हुई है।

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