एक पौधा जो वृक्ष बन गया

छत्तीसगढ़

कहते हैं नियत के फल लगते हैं इसी कहावत को चरितार्थ किया है छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी रायपुर के निवासी श्री ब्रह्मानंद अग्रवाल के पुत्र राकेश अग्रवाल ने
राकेश अग्रवाल ने युवावस्था से ही अपने पिता द्वारा दिए संस्कारों पर चलते हुए व्यापारिक एवं समाजिक जीवन में तालमेल बिठाते हुए अपने व्यवसाय को निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर किया है ब्रह्मानंद अग्रवाल द्वारा 1990 में श्री साधना एक्सप्रेस की नींव रख ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय प्रारंभ किया जिसे आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र राकेश अग्रवाल ने 30 वर्षों मैंने केवल छत्तीसगढ़ अपितु मध्य भारत में अपनी पहचान कायम की है
आज श्री साधना एक्सप्रेस अपनी उच्च स्तरीय सेवाओं एवं पारदर्शी व्यापारिक गतिविधियों के कारण ही छत्तीसगढ़ की जानी पहचानी ट्रांसपोर्ट सर्विस बन चुकी है ! श्री साधना एक्सप्रेस के ऊर्जावान संचालक राकेश अग्रवाल का मानना है कि उनके इस तीस वर्षों के सफर में उनके पिता का मार्गदर्शन एवं उनकी टीम का सहयोग ही उनकी ताकत बना तथा सम्मानित ग्राहकों ने उनमे जो विश्वास रखा उस विश्वास को कायम रखना राकेश अग्रवाल का प्रथम उद्देश्य है!
राकेश अग्रवाल व्यापार के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी अपनी विशिष्ट पहचान कायम किए हुए हैं अनेकों सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रहकर आप निरंतर सेवा कार्य में अपना योगदान प्रदान कर रहे हैं!! मीडिया परिवार यह कामना करता है कि श्री साधना एक्सप्रेस निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़े एवं श्री ब्रह्मानंद अग्रवाल एवं उनका पूरा परिवार स्वस्थ रहे तथा यूं ही समाज सेवा को अपना योगदान देता रहे!!

Tag line
काम में खरा विश्वास से भरा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *