देशभक्त: बिसम्भर सिंह पटेल का देश की आजादी में योगदान

छत्तीसगढ़


जीवन परिचय। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम 72 वी वर्षगांठ मना रहे हैं। आज हम स्वतंत्र और सुरक्षित है यह हमारे सीमा प्रहरी के अदम्य साहस और बलिदान की बदौलत है ऐसे में सीमाओं के अंदर भी हमारे कुछ सेनानी है जिन्होंने साहस के दम पर देश को जागरूक किया और अंग्रेजों के खिलाफ देश को एकजुट किया। आज हम आपको बता रहेें हैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री बिसम्भर सिंह पटेल का नाम जो इतिहास के पन्नों में खो गया। पर आज भी उसकी गवाही देता है स्व. श्री बिसम्भर सिंह पटेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिहावा

श्री बिसम्भर सिंह पटेल का जन्म 4 अक्टूबर 1901 को पुरानी बस्ती, नगरी में हुआ। सन् 1919-20 में वे नार्मल स्कूल रायपुर में अध्ययनरत थे तब गांधी जी के असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर अपनी शिक्षा अधूरी छोड़ कर चंदोली आश्रम नागपुर चले गए। स्वतंत्रता संग्राम के प्रति प्रेरित करने के लिए भांठापारा जिला बिलासपुर जाकर लोगों को सदस्य बनाना प्रारंभ किया। सिहावा जंगल सत्याग्रह में जोर शोर से भाग लिया। उनका कार्य क्षेत्र उमर गांव एवं नगरी सिहावा था और उनके प्रमुख साथी हरख राम सोम, पंचम सिंह सोम एवं शोभा राम साहू थे। उनके इस प्रकार के कार्य को देख कर सन् 1922 को गिरफ्तार करके सेन्ट्रल जेल रायपुर एवं नरसिंहपुर में 5 माह की सजा एवं 225/- जुर्माना किया गया। सन् 1923-24 के नागपुर झंडा सत्याग्रह में लोगों को प्रेरित कर भेजे एवं अपने साथी श्याम लाल सोम, परदेशी राम ध्रुव एवं स्वयं पैदल नागपुर चले गए। इस प्रकार धमतरी तहसील में विशिष्ट योगदान दिये जाने के फलस्वरूप इन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा 10/8/1930 को शिक्षकीय कार्य से बर्खास्त कर दिया गया। इनको सन् 1932 में टीकम भाई, रायपुर के दुकान में पिकेटिंग 6 माह की सजा या 200/- जुर्माना हुआ। गांधी इरविन समझौता अनुसार 22/6/1934 को पुनः प्राथमिक शाला बेलरगांव में शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया। सन् 1942 में प्रजातंत्रात्मक आंदोलन में करो या मरो की आवाज बुलंद करने के कारण अनु विभागीय दण्डाधिकारी द्वारा दण्ड स्वरूप प्राथमिक शाला बगौद, कुरुद स्थानांतरित कर दिया गया। स्वतंत्रता के बाद सन् 1959 प्राथमिक शाला मल्हारी (नगरी) से सेवा निवृत्त हुये। दिनाँक 29/12/1980 को नगरी में इनका देहावसान हुआ। इस प्रकार इनका जीवन देश प्रेम के लिए एक मिसाल है।

जिला धमतरी, नगरी तहसील शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहावा, छ. ग. शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग मंत्रालय रायपुर के पत्र क्रमांक एफ 17-10/2003/25/2 रायपुर दिनाँक 07/02/2012 एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास धमतरी के पत्र क्रमांक 2100/आदि.वि/स्था/म क्र/2013-14 धमतरी दिनाँक 24/08/2013 के अनुसार अब यह विद्यालय क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. श्री बिसम्भर सिंह पटेल के देशभक्ति को याद करते हुए नया नामकरण बिसम्भर सिंह पटेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहावा हो गया है।

स्व. श्री बिसम्भर सिंह पटेल का एक मात्र संतान स्व. श्रीमति धरमिन पटेल थीं। जिनका विवाह पटेल समाज के संरक्षक स्व. श्री नाथूराम पटेल के साथ हुआ था। स्व. नाथूराम पटेल जी के चार सुपुत्र श्री मदन सिंह पटेल, श्री सौभाग्य चंद पटेल, डॉ हेमलाल पटेल एवं श्री कुलेश्वर सिंह पटेल जी है और तीन पुत्रियाँ श्रीमती रंभा पटेल, कलेन्द्री पटेल एवं ललिता पटेल है।

ऐसे महान देशभक्त को सर्व मरार पटेल समाज छ.ग.की ओर से श्री राजेन्द्र नायक पटेल, ब्रम्ह देव पटेल ,पंकज पाटिल ,दुर्गा प्रसाद पटेल ,विजय पाटिल, देवचरण पटेल ,कन्हैया पटेल ,रामचंद्र पटेल ,संतोष पटेल, ईश्वर पटेल, परदेशी पटेल, रामकुमार पटेल , पवन पटेल ,बरत पटेल, राजेन्द्र कुमार पटेल , टी.आर.पटेल एन.के.पटेल ,बिन्दू राम पटेल, सुनिल पटेल, कृष्ण कुमार पटेल, त्रिपुरारी पटेल ,सोमनाथ पटेल, दुलेश पटेल ,लिलार पटेल ,यज्ञदेव पटेल ,पुरुषोत्तम पटेल, गया पटेल, महेश पटेल ,रोमनाथ पटेल, अमर सिंह पटेल ,रामेश्वर पटेल ,खेल सिंह नायक पटेल, होमेन्द्र पटेल ,श्रीमती रूखमणी पटेल ,श्रीमती रानी पटेल श्रीमती टिकेश्वरी पटेल, श्रीमती परनिया पटेल ,मुन्ना लाल पटेल ,परमानंद पटेल ,ओमप्रकाश पटेल, ललित पटेल, केशव पटेल, खेलू पटेल, संजय पटेल ,वेदप्रकाश पटेल, शंकर पटेल ,भूनेश्वर पटेल, चैतन्य पटेल ,त्रिनाथ पटेल, नरेश पटेल, डा.राम किशोर तलवर पटेल रविकुमार पटेल, सनत कुमार पटेल ,भूपेन्द्र पटेल, सरजू पटेल आदि सभी स्वजन ने स्वतंत्रता दिवस पर उनको नमन किया।

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