मुख्यमंत्री के जन्म दिवस पर विशेष , पुरखों के सपने होंगे साकार

छत्तीसगढ़ राजनिति

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। जनता की नब्ज को पहचानते हुए मुख्यमंत्री ने हाल के 6-7 माह में प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। औद्योगिक वातावरण को बदलने के लिए खनिज आधारित उद्योगों के स्थान पर कृषि आधारित नए उद्योगों की स्थापना के लिए पहल की जा रही है, इससे जहां स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा वहीं किसानों और वनाचलों में वनोपज का संग्रहण करने वाले परिवारों की आमदनी में वृद्धि होगी।  नई सरकार के गठन और उनके द्वारा लिए जा रहे नए फैसलों और कदमों से नई उम्मीदें जागी है। किसान हितैषी फैसलों से प्रदेश में विकास, विश्वास और उत्साह का नया वातावरण बना है। लोगों की क्रय शक्ति बढ़ने के साथ ही उनका मान-सम्मान भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल नें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ग्राम और ग्रामीणों के विकास की अवधारणा के अनुरूप ग्रामीण जनजीवन को खुशहाल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरवा घुरवा बाड़ी को आधार बनाकर सुराजी गांव योजना शुरू की है। छत्तीसगढ़ की सतरंगी संस्कृति पर आम जनता को स्वाभिमान और गर्व की अनुभूति जगाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा हरेली, तीज , छठ, मां कर्मा जयंती और विश्व आदिवासी दिवस पर सामान्य अवकाश की घोषणा से लोगों में उत्साह का वातावरण है। ग्रामीण जनजीवन पर इसका खासा असर दिख रहा है। हाल में ही एक अगस्त को नए स्वरूप में हरेली तिहार मनाया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति की बानगी देखते बनती थी। लोगों में ऐसा स्वस्फूर्त उत्साह पहली बार दिखा। इस उत्साह मेें मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के सभी मंत्री शामिल हुए।

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