बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा विद्या का मंदिर –यसवंत राव मेघा वाले शासकीय महाविद्यालय मगरलोड

छत्तीसगढ़


मगरलोड। स्वतंत्रता सेनानी यसवंत राव मेघावाले के नाम से सुशोभित विद्या का मंदिर महाविद्यालय का निर्माण तो मगरलोड में करवा दिया गया है , लेकिन आज तक वहां महाविद्यालयीन मूलभूत बुनियादी सुविधा उपलब्ध नही हो पाया है । अलबत्ता सुविधा के अभाव में महाविद्यालय जैसे तैसे संचालित हो रहा है। बताया गया महाविद्यालय के विकास के लिए पूर्व सिहावा विधायक श्रवण मरकाम ने भी जो वायदा किये थे वह भी समय का पहिया के हिसाब से ठंडे बस्ते में चला गया।

महाविद्यालय मगरलोड आज वर्तमान परिक्षेप्य में मुख्य रूप की जरूरत बाउंड्रीवाल से लेकर विद्यार्थीओ का प्ले ग्राउंड और विद्या देने वाले टीचर को तरस रहे है। इनके अभाव के कारण महाविद्यालयीन विद्यार्थी आते तो है , और घूमते -घामते दोस्तो से मिलके चले जाते है पढ़ाई के नाम मे हिंदी और एक दो विषय ही हो पाते है । अहम सवाल खड़े कर देने वाली बात यह है कि सरकार द्वारा शिक्षको का उत्तम तनख्वाह के बाद भी शिक्षा किस गुमनाम बस्ती में चला गया और शिक्षक के अभाव में विद्यार्थी अपना भविष्य का सफर किसके मार्गदर्शन में तय करेंगे। महाविद्यालय में सीसी टीवी की सख्त आवश्यकता है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचाव हो सके।
महाविद्यालीन विद्यार्थी और महाविद्यालय बुनियादी सुविधाओ के आश लिए सोये हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगा रही है कि कब सरकार और विभाग उनके यह दर्दभरी दास्तान सुनेंगे ताकि आने वाला भविष्य सुनहरा हो सके। भविष्य का सफर किसके मार्गदर्शन में तय करेंगे। महाविद्यालय में सीसी टीवी की सख्त आवश्यकता है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचाव हो सके। महाविद्यालीन विद्यार्थी और महाविद्यालय बुनियादी सुविधाओ के आश लिए सोये हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगा रही है कि कब सरकार और विभाग उनके यह दर्दभरी दास्तान सुनेंगे ताकि आने वाला भविष्य सुनहरा हो सके।

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