पूर्व विधायक राजेंद्र राय पहुंचे थाने, जोगी की जाति मामले में FIR को बताया साजिश, पतरस तिर्की और समीरा पैकरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग

छत्तीसगढ़ राजनिति

रायपुर. पूर्व सीएम अजीत जोगी की जाति मामले पर सियासत कम होने का नाम ही नहीं ले रही है. गौरेला थाना में अजीत जोगी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूर्व विधायक राजेंद्र राय ने बदनाम करने की साजिश बताया है. पूर्व विधायक राजेंद्र राय इस मामले में पतरस तिर्की और समीरा पैकरा के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कराने सिविल लाइन थाने पहुंचे थे.

पूर्व विधायक राजेंद्र राय, जोगी कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में उल्लेखित है कि 1967 में उप तहसील पेंड्रा के नायब तहसीलदार पतरस तिर्की ने अजीत जोगी को कंवर जाति का प्रमाण पत्र दिया था. बाद में पेंड्रारोड तहसील बन गया. तब भी 1986 में पतरस तिर्की ने तहसीलदार की हैसियत से अजीत जोगी को कंवर जाति का प्रमाण पत्र जारी किया था.

शिकायत में आगे उल्लेख किया गया है कि बीते दिनों पतरस तिर्की ने सिविल न्यायालय बिलासपुर के नोटरी सुनीता ठाकुर के समक्ष अजीत जोगी को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं करने का शपथ पत्र दिया गया है. इन्हीं विरोधाभास का फायदा उठाते हुए समीरा पैकरा ने अजीत जोगी के खिलाफ गौरेला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है. ऐसे में जोगी कार्यकर्ताओं ने पतरस तिर्की और समीरा पैकरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की गुहार लगाई गई है.

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