ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा के स्थापना दिवस पर 21 समाज सेवी संस्थाएं हुवी सम्मानित

छत्तीसगढ़

रायपुर। दुनिया से जाने के बाद अपने नश्वर शरीर से किसी अन्य व्यक्ति को ज़िन्दगी दे सके तो इससे बढ़कर जीवन मे और कोई पुनीत कार्य नहीं है, इस थीम को लेकर ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित वृन्दावन हॉल में अपना द्वितीय स्थापना दिवस अनूठे ढंग से मनाया। इस आयोजन में आज शहर के ऐसे 10 दानदाता परिवार सम्मानित हुवे जिन्होंने अपने परिजनों के मृत्यु उपरांत उनकी इक्षा का आदर करते हुवे मेडिकल कालेज को उनके शरीर व नेत्र का दान किया हो व शहर के 5 ऐसे चुनिंदा लोग जो 50 से अधिक बार अपना रक्तदान कर चुके हैं तथा इसी कड़ीं में शहर की 21 ऐसी समाज सेवी संस्थाएं भी सम्मानित हुई जिन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में अपने कार्यों से उच्च आदर्श प्रतिमान स्थापित किये हैं। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण शहर के दिव्यांग स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने की, विशिष्ठ अतिथि पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल, महापौर प्रमोद दुबे, तथा चिकित्सक व समाज सेवी डॉ सुरेन्द्र शुक्ला रहे।
कार्यक्रम की शुरुवात कु.दिव्यांशी शर्मा ने गणेश वंदना से की उसके बाद दिव्यांग स्कूल कोपल वाणी,नेत्रहीन बालिकाओं के प्रेरणा छात्रावास व नवयुग चेतना के बच्चों द्वारा दिल को छू लेने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए।
संस्था प्रमुख सुषमा तिवारी ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि वैसे तो उन्होंने 2004 से घुमन्तु बच्चों व बाल श्रमिकों को चिन्हित करके उन्हें प्राथमिक शिक्षा के लिए शाला में प्रवेश दिलवाने ,नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने सहिंत स्लम एरिया की कामकाजी महिलाओं के स्वास्थ्य व अधिकार के लिए उन्हें जागरूक करने का काम विशुद्ध रूप से घरेलू महिलाओं की टीम बनाकर कर रही हैं पर पिछले दो साल से वे संगठित होकर संस्थागत रूप से काम कर रही हैं जिसमे अब 151 सक्रिय महिलाओं व पुरुषों की टीम उनके साथ हैं।संस्था ने अपना दायरा बढ़ाते हुवे अनेक क्षेत्र में काम करते हुवे अब जरूरतमंद व असहाय लोगों को मदद करना,वृद्धाश्रम पहुँचकर उन्हें उनके आवश्यकता की वस्तुएं देना तथा अपना समय देकर उनके साथ दुःख दर्द बांटना,भीषण गर्मी व बारिश में यातायात पुलिस को छतरी बांटना,शहर में प्याऊ खोलना तथा कड़कड़ाती हुवी ठंड में फुटपाथ पर सोए हुवे लोगों को कम्बल व स्वेेटर ओढ़ाकर आ जाना, रक्षाबंधन भाईदूज जैसे पर्व में सुदूर नक्सली क्षेत्र में कार्यरत पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवानों तथा यहां पदस्थ सेना के अधिकारियों कर्मचारियों की कलाई पर राखी बांधना व उन्हें मिठाई भेजकर राष्ट्र धर्म निभाना तथा समय समय पर विभिन्न पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से अपनी लोककला व संस्कृति को जीवंत बनाये रखना,किन्नरों की बस्ती व उनके राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचकर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उनको प्रेरित व सम्मानित करना। पर्यावरण संरक्षण के लिए शहर में वृक्षारोपण व जल संरक्षण के लिए कार्य कर रही संस्थाओं से सहभागिता निभाना,त्योहारों में दीपदान,वस्त्रदान तथा अन्नदान जैसे कार्य सतत कर अपनी सनातन संस्कृति व परम्पराओं का निर्वहन करना जैसे अनेक कार्य कर रही है।
उन्होंने संस्था द्वारा शुरू किए गए महती नेह मुस्कान योजना की जानकारी भी दी जिसमे सदस्यगण आपस मे ही सहयोग राशि एकत्रित कर स्लम एरिया के बच्चों के जीवन मे खुशियां बिखेरने के उद्देश्य से हर महीने में एक बार खिलौना वितरित करने जाते हैं और संस्था के नाम को सार्थक करते हुवे बिना किसी अनुदान के सतत सेवा कार्य जारी रखे हुवे हैं।
मंत्री श्री अमर जीत भगत ने अपने उदबोधन में कहा कि वास्तव में इस आपाधापी के युग मे जब लोग सिर्फ अपने हित की बात सोचते हैं ऐसे में लोकहित की कामना को लेकर आपके द्वारा संस्थागत रूप से किये जा रहे कार्य वास्तव में अनुकरणीय है और भविष्य में आप इससे भी बड़े और अच्छे काम करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री अमरजीत भगत ने की तथा विशिष्ठ अतिथि बृजमोहन अग्रवाल,महापौर प्रमोद दुबे,विधायक व डॉ सुरेन्द्र शुक्ला ने टीम ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में सतत किये जा रहे कार्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा सही मायने में ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। मंच संचालन अमृतांशु शुक्ला व श्रीमती सुमन दीवान ने किया तथा आभार प्रदर्शन सचिव ममता शर्मा ने किया।
इस अवसर पर संस्था के संरक्षक अजय शर्मा,अध्य्क्ष सुषमा तिवारी,सचिव श्रीमती ममता शर्मा,सलाहकार सौरभ तिवारी,श्रीमती सुमन कमलेश शर्मा,संतोष साहू सहित माध्यमिक शिक्षा मंडल के सदस्य बिहारी लाल शर्मा,सुरेश साहू,ईश्वरी प्रसाद शर्मा,हितेश दीवान,मनीषा चंद्राकर,अनिता साकार,चंद्रसेना दीवान,चन्द्रप्रभा शर्मा, शोभना तिवारी,उपस्थित रहे।

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