सावांरावां के कुशवाहा परिवार ने अपने मृत परिजन का नेत्रदान किया

छत्तीसगढ़

कोरिया। किसी की अंधेरी दुनिया में नेत्र दान कर उसके जीवन में फिर से रोशनी भर सकते है।मृत होने के पश्चात काया राख में ताब्दिल हो जाते है। कुछ तो ऐसे भी होते है जो जाने के बाद आँखे दान कर जाते है । जिले के दूरस्थ ग्राम के एक परिवार ने अपने परिजनों का नेत्र दान करने का निश्चय किया है। दरअसल कोरिया कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में 34वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाडा का आयोजन विगत 25 अगस्त से 8 सितंबर तक किया गया। आज यहां पहली बार नेत्र दान किया गया। नेत्रों को सुरक्षित नेत्र बैंक में रखा जाता है। नेत्रदान पखवाडे के दौरान किये गये प्रचार प्रसार से प्रेरित होकर ग्राम सावांरावां के कुशवाहा परिवार द्वारा अपने मृत परिजन के नेत्रों को दान करने का निर्णय लिया। जिले के विकासखंड बैकुण्ठपुर के थाना पटना एवं पोस्ट गिरजापुर अंतर्गत ग्राम सांवारावा के स्व.बचकु राम पिता स्व.राम बरन कोईर के पुत्र जीतेन्द्र कुमार एवं मृतक की पत्नि श्रीमती चंद्रमणि ने नेत्रदान का निर्णय लिया। श्रीमती चंद्रमणि ने बताया कि 69 वर्ष की आयु में उनके पति स्व.बचकु राम की आकस्मिक मृत्यु हुई है। कलेक्टर ने कुषवाहा परिवार की तरह अन्य व्यक्तियों को भी साहसिक निर्णय लेकर नेत्रदान के इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।

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