संगीतकार ख़य्याम की स्मृति में गीत संगीत गजल की प्रस्तुति

छत्तीसगढ़

रायपुर । प्रसिध्द संगीतकार ख़य्याम की स्मृति में गुनरस पिया फाउंडेशन के तत्वाधान में सोमवार को स्वरांजलि सभा के 97 बैठक आयोजित किया गया । इस अवसर पर गणपति वंदना और ख़य्याम के द्वारा संगीतबद्ध कर एक से बढ़कर एक मधुर गीत गज़ल प्रस्तुत किये गए । कार्यक्रम की शुरुवात पंडित व्यास के छाया चित्र में दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस अवसर पर ऋषिका साकल्ले , विभांशी तिवारी ने गणपति वंदना प्रस्तुत की ,उसके बाद मोंहिनी मलेवार ने महागणपतिं, पुष्पलता रेड्डी द्वारा, एकदन्ताय वक्रतुण्डाय, अनिल तिवारी न भी गणेश भजन प्रस्तुत किया।
नीलिमा मिश्रा ने,काहे को ब्याही विदेश, कांतिलाल बरलौटा
ने मैं पल दो पल का शायर, रचना चांडक ने जुस्तजू जिसकी थी, निर्झर चांडक ने,शाम ए गम की कसम, सजला टांक ने ज़िंदगी जब भी , शुभ्रा ठाकुर ने, दिखाई दिए यूं,श्रीवल्ली द्वारा प्रथम सुमिर गणपति, हेमल शाह द्वारा मेरी भक्ति में रँग भर जाओ, प्रज्ञा त्रिवेदी ने तुम अपना रंजोगम , विजयलक्ष्मी चन्द्राकर और मानस नायक ने फिर छिड़ी रात बात,प्रीति राजवैध ने कभी किसी को मुकम्मल जहाँ, अंशी राजवैध ने चले आओ सैयां रंगीले ,हरलीन कौर ने दिखाई दिए यूं,टी मुरली ने जाने क्या ढूंढते रहे, आलोक त्रिवेदी ने तेरे बिना ज़िंदगी से कोई, रघु ने जसगीत, जयश्री साकल्ले ने काहे को ब्याही विदेस, रत्नेश ने ठुमरी, सैयां बोलो प्रस्तृत की।मनीषा त्रिवेदी ने आभोगी कान्हड़ा में सितार वादन प्रस्तुत किया। अंत मे मदन चौहान ने भैरवी में भजन प्रस्तुत किया। दीपा व्यास ने धन्यवाद ज्ञापन किया । तबले पर नारायण ठाकुर, रघु पटेल, व हरि पटेल ने और हारमोनीयम पर दीपक व्यास ने सँगत की। इस दौरान डॉ अवस्थी, प्रज्योत देवास्कर, मोहिता देवास्कर, गौरव साकल्ले, राजेश चांडक सहित अनेक संगीतप्रेमी उपस्थित थे।

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