वयोवृद्ध महिला हिरमत की हिम्मत मुरली सुनने पैदल जाती है कई गीता पाठशाला

धर्म

रायपुर। जब मन में हमारे ईस्ष्टदेव के प्रति अटूट श्रद्धा हो तो दूरी भी फासले में बदल जाता है। एक ऐसी ही वयोवृद्ध विधुर महिला ईश्वरीय ज्ञान सुनने के लिए ब्रम्हाकुमारी आश्रम गीता पाठशाला रायपुर के कुशालपुर ,चौबे कालोनी, के अलावा अन्य केंद्रों में पैदल सफर करती है ,जब कभी थकान आ जाये तो थोड़ा विश्राम कर शिवबाबा का नाम स्मरण कर पुनः कदम बढ़ती है। ब्रम्हाकुमारी आश्रम की छात्रा हिरमत बाई कुशालपुर निवासी शिवबाबा का ज्ञान सुनने के लिए किसी भी केंद्र में जाने के लिये तैयार है। उम्र के 90 पड़ाव को पार कर चुकी हिरम्मत की हिम्मत वाकई प्रसंशा योग्य है । उन्होंने बताया कि वह ब्रम्हाकुमारी आश्रम में 50 सालों से जुड़ी है । मुरली सुने बिना मन व्याकुल हो जाता है, इसलिए मुरली सुनना आवश्यक है। उन्होंने बताया की शिव बाबा के ज्ञान से ही संतुष्टि मिलती है। जब से ब्रम्हाकुमारी आश्रम में जुड़ी हु, तभी से मन में शुद्धता और शांति मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पति व परिजनों का निधन वर्षो बीत गये। जब कभी अकेला महसूस करती हु तो शिवबाबा के ध्यान से सारी तनहाई खत्म हो जाती है ।

वक्त का पाबंद: हिरमत को समय का कद्र करना बखूबी आता है । वह कुशालपुर ,विनोभावे नगर स्थित ब्रम्हाकुमारी आश्रम गीता पाठशाला में नियमित मुरली सुनने आती है। आश्रम शाम 4 बजे से शुरु होता है लेकिन घंटो पूर्व ही ये वहां उपस्थित हो जाती है . यह उन लोगों के लिये अच्छा उदाहरण साबित हो सकता है जो समय को न समझने के कारण छूट जाते है। हिरमत इस केंद्र में समय से पहले पहुचने वाली प्रथम महिला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *