दुर्गा विसर्जन में श्रद्धालुओं ने त्रिसूल से भेदे मुंह

धर्म

रायपुर. आदमी को जरा सा भी खरोज लगने से पीड़ा होने लगती है. लेकिन जीते जी घंटो चहरे को आर पार भेद दिया जाये और पीड़ा बर्दास्त हो जाये तो यह किसी चमत्कार से कम नही. भक्ति में सक्ति का यह वाक्या मंगलवार को राजधानी रायपुर में देखने को मिला जहां जान में जोखिम डालकर मां की भक्ति में भक्त सराबोर हो गये. दरअसल नौ दिन तक विराजी आदि सक्ति मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान भक्तों ने भयवाह रूप धरे. इस दौरान भक्तों ने माता रानी को स्मरण कर कर त्रिसूल व छड़ से चहरे को भेद कर घंटो माता रानी के विसर्जन में नंगे पद यात्रा की. इस दौरान माता रानी की विधिवत पूजा अर्चना की गई. माता का रथ विशेष वाहन में रखा गया जिस पर माता दुर्गा की प्रतिमा थी ठीक पीछे श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा था. श्रद्धालु माता रानी के अंतिम दर्शन कर नमन किये .इस अवसर में श्रद्धालुओं ने नृत्य व पूजा अर्चना कर माता रानी को विदाई दी. जवारा निकाला गया, वही जयकारे लगाकर अगले बरस जल्दी आने को कहा . इस दौरान यहां का माहौल भक्तिमय संगीत से गूंजता रहा .

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