गगन ने किया मैनपाट का बखान कविता पढ़े

मनोरंजन

By। गगन

सरगुजा। कल कल करते झरने मैनपाट की शान है सरगुजा का ये शिमला इस पर हमें गुमान है। प्रकृति की गोद में पलता यहां का हर इंसान है,इसकी सुंदरता में वृद्धि करता भगवान रूपी किसान है पुष्प पत्तों के गुच्छा से सजा हुआ खलियान है मधम बहती हुई धारा ही मैनपाट का मुस्कान है बढ़ाते हुए संस्कृति का मान कृषि करता जवान है सर्व धर्म के लोग सभी को यहां सम्मान है उलटी बहती धारा मैनपाट की पहचान है लचक से हिलती धारा यहां बनाती इसे महान है शीतल बस्ती हवा यहां औषधि समान है पर्वत खाई का अद्भुत नजारों मानव स्वर्ग के समान है कल कल करते झरने मैनपाट की शान है सरगुजा आंचल का यह है शिमला इस पर हमें गुमान है।

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