सूपेबेड़ा की दो विधवा महिलाओं को राज्यपाल ने तत्काल नौकरी दी

छत्तीसगढ़

रायपुर। कल गरियाबंद जिले के सूपेबेड़ा गांव में प्रदेश की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने पहुंचकर किड़नी की बीमारी से पीड़ितो से मिलकर हाल चाल जाना और उनसे बात किया। इस दौरान उन्होंने परेशान विधवाओं की व्यथा सुनी तो लोगों की आखों से आशु छलक गए, राज्यपाल सुश्री उइके ने तत्काल उसे शासकीय सेवा में रखे जाने की घोषणा की। हुआ यह कि जब राज्यपाल सुश्री उइके लोगों की बात सुन रहीं थी उसी समय विधवा लक्ष्मी सोनवानी ने बताया कि उसके पति शिक्षक थे। सालभर पहले 2018 में उसके पति की किडनी रोग के चलते मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की परवरिश और रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। महिला ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद से वे रोजगार के लिए प्रशासनिक तंत्र का चक्कर काट रही हैं। आज तक रोजगार नहीं मिल सका है। लक्ष्मी ने यह भी बताया कि उनके पति ने मकान बनाने के लिए ग्रामीण बैंक से चार लाख रुपये का लोन लिया था। तबीयत खराब होने के कारण मकान के लिए ऋण से मिली राशि को भी पति को इलाज में लगा दिया। बैंक वाले अब लोन की राशि को गारंटर से वसूल रहे हैं। ऐसी स्थिति में गारंटर के परिजन आए दिन भला-बुरा सुनाते हैं। पति के मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं हैं। ऐसे में उन्हें अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण करने में दिक्कत हो रही है। इससे परेशान होकर महिला ने राज्यपाल के समक्ष इच्छामृत्यु की मांग की। इसी तरह की परेशान एक अन्य महिला वैदेही चतुर्वेदी ने भी बताई। उनके भी पति शिक्षक थे। उन्हें भी आज तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली है। राज्यपाल ने इन महिलाओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उन्हें दैनिक वेतनभोगी के रुप में साढ़े आठ हजार रुपए मासिक वेतन में नौकरी देने की घोषणा की। ये महिलाएं इसी माह से दैनिक वेतनभोगी के रुप में अपनी सेवाएं दे सकेंगी। राज्यपाल की इस सहृदयता को देख लोगों की आंखों से आंसू छलक उठे। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, सांसद चुन्नीलाल साहू और विधायक डमरुधर पुजारी भी उपस्थित रहे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *