छत्तीसगढ़ के आदर्श महिला समूह को दस लाख रूपये का पादप जीनोम सेवियर पुरस्कार

छत्तीसगढ़

रायपुर।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषि विज्ञान केन्द्र, दुर्ग के मार्गदर्शन में धान की दुर्लभ परंपरागत किस्मों ग्रीन राइस, ब्लैक राइस और करहानी धान के संरक्षण और संवर्धन का कार्य करने के लिये पाटन विकासखण्ड के ग्राम तर्रा (अचानकपुर) के महिला कृषकों के समूह ‘‘आदर्श महिला आत्म समूह’’ को पादप जीनोम सेवियर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त इस राष्ट्रीय पुरस्कार में दस लाख रूपये की राशि दी जाती है। मंगलवार को नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने आदर्श महिला समूह अचानकपुर की सदस्यों को सम्मानित किया। इन्होंने छत्तीसगढ़ में परंपरागत रूप से उगाई जाने वाली धान की दुर्लभ किस्मों ग्रीन राइस, ब्लैक राइस और करहनी धान के जननद्रव्य को न केवल संरक्षित किया बल्कि देश के दस अन्य राज्यों में इसके बीज पहुंचाकर इनके विस्तार में अहम भूमिका निभाई ।इसके साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र धमतरी के मार्गदर्शन में पारंपरिक देशी बैंगन की किस्म से विकसित निरंजन भाटा के संरक्षण के लिए ग्राम धुमा के प्रगतिशील कृषक लीलाराम साहू को पादप जीनोम सेवियर पुरस्कार के रूप में डेढ़ लाख की राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील रायपुर के पादप प्रजनन विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा भी उपस्थित थे।


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