नौनिहालों ने माता पिता की आरती उतारकर मनाया मातृ पितृ दिवस

छत्तीसगढ़

दुर्ग। धार्मिक ग्रंथों के अलावा असल जिंदगी में भी माता पिता का दर्जा भगवान से बढ़कर हैं । बच्चों की प्रथम पाठशाला से लेकर सपने की उड़ान तक मां बाप का आशीर्वाद होता हैं इनको कभी भुलाया नही जा सकता ,संतान उनके लिए जिगर का टुकड़ा होता है, जिसे वह कभी खोना नहीं चाहते ।वह संतान मोह में अपना जीवनलीला समर्पित कर देते हैं। इसके बदले में बच्चे पालकों का ऋण तमाम उम्र अदा नही कर सकते हैं लेकिन जीवन में उनके खुशियों का हिस्सा जरूर बन सकते हैं । निश्छल प्रेम और उनके लिए सबसे खास दिन मातृ, पितृ दिवस कहलाता हैं। जिले के शासकीय प्राथमिक शाला रूआबांधा में गुरुवार को मातृ पितृ दिवस आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माता पिता थे, तो बच्चों ने मेजबानी की। कार्यक्रम की शुरुआत में नौनिहालों ने माता पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेकर किया इसके साथ ही आरती उतारकर पुजा की गईं । इस दृश्य को देख कर लोगों की आँखें भर आई । इस दौरान नौनिहालों ने माता पिता को सम्मान के साथ वृद्धावस्था में सहारा देने की सीख देकर एक मिसाल पेश किया हैं।प्रधान पाठिका सरिता मांडारे ने मात्री पितृ दिवस पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा की विद्यालय में स्कूली शिक्षा के साथ संस्कारिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता हैं ताकि बच्चे माता पिता , गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करना सीखें । इस दिन बच्चों ने माता पिता का सम्मान में संस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान पाठिका सरिता मांंडारे, रेनू गोस्वामी, संध्या पाठक ,गीता साहू, प्रीति सिंह, प्रीति यादव, नागेंद्र सिंह मंडावी आदि उपस्थित रहें।

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