पद्मश्री डॉ.ममता चंद्राकर से सुनीला फ्रैंकलीन मिलकर बीते लम्हों को किया याद

छत्तीसगढ़

रायपुर। बीते लम्हें वक़्त के साथ अदृश्य हो जाती है, वह चले जाने के बाद याद आती है, यह सिर्फ यादे बनकर रह जाती है, लेकिन अगर इस बीच कोई पहचान का सालों बाद इतिफाक से मिले तो यादे फिर से तरो ताजा हो जाती है । नारी सक्ती व वरिष्ठ सम्मान समारोह में हुआ यूं कि जब शिक्षिका सुनीला फ्रैंकलीन की मुलाकात पद्मश्री डॉक्टर ममता चंद्राकर से अचानक हुई तो फिर भूली बिसरी बाते याद आ गई। इस दौरान सुनीला फ्रैंकलीन ने डॉक्टर चंद्राकर से मिलकर अभिवादन किया फिर एक दूसरे का हालचाल जाना । उन्होंने बीस बरस पहले कि बात डॉक्टर चंद्राकर को याद दिलाया जब उनकी मुलाकात सिलयारी के सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुआ था तब वह भी लोकगायिका थीं उस दौरान उन्होंने आटोग्राफ दिया और उन्हें अपने सहकर्मी के रूप में काम करने का अवसर दिया था । यह सुनकर डॉक्टर चंद्राकर ने मुस्कुराया और कहा हां फिर क्या था एक लोकगायिका और पूर्व लोकगायिका की आंखे भर आई । श्रीमती फ्रैंकलिन ने लोकगायिका डॉक्टर चन्द्राकर को अरपा – पैरी के धार , महानदी हे अपार . . छत्तीसगढ़ी गीत को छत्तीसगढ़ राज्य गीत घोषित किया गया इसके लिए उन्हें बधाई दिया। उनकी मुलाकात राजधानी रायपुर स्थित शांति नगर के श्री सद्भावना समिति प्रांगण में बीते शुक्रवार 8 नवंबर को नारी शक्ति एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह में हुआ था।

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