कबीरधाम जिले के अब तक 107 बैगा युवक-युवती बने शाला संगवारी

एजुकेशन

रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के कबीरधाम जिले में निवासरत बैगा समाज (अति पिछड़ी जनजाति) को एक बार फिर बड़ी सौगात देते हुए इस वर्ग के 50 शिक्षित युवक-युवतियों के लिए शाला संगवारी के रूप में चयन कर रोजगार के द्वार खोल दी है। इन 50 बैगा युवक-युवतियों को मिलाकर अब तक 107 शाला संगवारी हो गए है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर निश्चित आय के साथ रोजगार मिल रहा हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के वन,परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा कवर्धा विधायक श्री मोहम्मद अकबर ने आज उन सभी 50 शाला संगवारियों को चयन का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने कबीरधाम जिले के आज 50 और बैगा (अति पिछड़ी जनजाति) के युवक-युवतियों को शाला संगवारी का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए कहा कि प्रदेश में निवासरत अति पिछड़ी जनजाति वर्ग के शिक्षित युवक-युवतियों को शिक्षा और विकास के मुख्य धारा में लाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ग के युवक-युवतियां को रोजगार देकर उन्हे मुख्यधारा में लाने की शुरूआत कबीरधाम जिले से कर दी गई हैं। हमारी सरकार ने जिले के अब तक 107 बैगा युवक-युवतियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार दे रही है। मंत्री श्री अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन की मंजूरी दी गई है। नए संशोधन के बाद अब डीएमएफ की राशि से शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन और उन्हें प्रभावी बनाने के लिए संसाधनों की उपलब्धता बनाने स्कूलों के शिक्षकों की कमी दूर करने तथा खनन और संबंध गतिविधियों में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष प्रभावित इलाकों के परिवार के सदस्यों को नर्सिग, चिकित्सा शिक्षा, इंजीनियरिंग, निधि प्रबंधन, उच्च शिक्षा, व्यवसायिक, तकनीकी शिक्षा, शासकीय संस्थाओं, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक शुल्क और छात्रावास शुल्क में भुगतान के साथ ही सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और आवासीय प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने का फैसला लिया गया है। जिले में राज्य सरकार की इस फैसले का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।

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