विराट कवि सम्मेलन में कवियों के साथ अतिथियों ने सजाई महफ़िल

छत्तीसगढ़

तूफां में जलते दीये के नजारे,
घने बादलों में छुपे हैं सितारे


नवापारा राजिम।अगहन मास की गुलाबी रात को सितारों से सजी कवियों की महफ़िल में हास परिहास के बुलंदियों के साथ नवापारा नगर के जागृति चौक में विराट हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ इस अवसर पर उपस्थित कवियों ने देर रात तक श्रोताओं को गुदगुदाए रखा।श्री रुपेंद्र चंद्राकर पार्षद माँ कौशिल्या वार्ड के संयोजन में एवम मनोज सेन और मनीष देवांगन के निर्देशन में सजी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अशोक बजाज प्रदेश अध्यक्ष सहकारिता प्रकोष्ठ एवम अध्यक्षता श्री युधिष्ठिर चंद्राकर वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवम उमेश यादव मण्डल अध्यक्ष नवापारा,अनिल अग्रवाल मंडल अध्यक्ष अभनपुर,नारायण यादव मण्डल अध्यक्ष चम्पारण,और पारसमणी साहू मण्डल अध्यक्ष खोरपा,परदेसी राम साहू पूर्व मण्डल अध्यक्ष नवापारा के विशेष आतिथ्य में कवियों के साथ साथ उपस्थित अतिथियों ने भी इस रंग से अपने आप को रंग डाला कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोक बजाज ने कहा कि साहित्य हमारे समाज की अमूल्य निधि है और साहित्यकार इनके संरक्षक है, जब जब राजनीति डगमगाई है साहित्य ने सहारा दिया है इस पर अपने शायराना अंदाज में कहा कि”तूफां में जलते दीये के नजारे,घने बादलों में छुपे हैं सितारे”कवि सम्मेलन में प्रथम कवि के रूप में मकसूदन साहू बरीवाला ने कोकोकोला और छत्तीसगढ़ी रोटी पीठा पर कविता सुनाकर सबको लोट पोट कर दिया तो कवि छग्गू यास अडील ने प्रेम की नई परिभाषा देकर रंग जमाया,भैसबोड से पधारे कवि बृजलाल दौना ने गुटखा एवम नशाखोरी पर सटीक रचना पढ़ी तो गीतकार किशोर निर्मलकर ने हास्य पैरोडी के माध्यम से कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया, इसके बाद संचालन कर रहे श्रवण कुमार साहू,”प्रखर”ने गजानन माधव मुक्तिबोध सम्मान छत्तीसगढ़ शासन से सम्मानित कवि संतोष कुमार साहू, प्रकृति को आमंत्रित किया जिन्होंने छोटी छोटी बाल रचना पढकर खूब वाहवाही बटोरी ,इसके बाद मोहन लाल मणिकपन भावुक ने संस्कार और संस्कृति पर सन्देश परक रचना प्रस्तुत किया।इसी कड़ी में डौंडी लोहारा से पधारे हास्य व्यंग्य के कवि कुमेश किरणबेर ने छोटी छोटी क्षणिकाओं के माध्यम से बड़ा धमाका किया,इसके बाद सिंधौरी कला धमतरी से पहुचे हास्य व्यंग्य एवम श्रृंगार के कवि श्रीकांत मिश्रा ‘अंजान’ नेअपनी सुमधुर स्वर से अद्भूत बानगी पेश किए, कवि डॉक्टर रमेश सोनसायटी ने बेटी पर शानदार काव्य पाठ किया, तो श्रवण कुमार साहू, प्रखर ने छोटी छोटी क्षणिकाओं के माध्यम से मंच को बांधे रखा और माता कौशल्या को समर्पित शानदार रचना पढ़ी।इस अवसर पर मनोज सेन एवम सोनी सर जी ने भी काव्य पाठ किया ।देर रात तक चले हास्य व्यंग्य के इस दौर को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे, इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जय साहू, परदेसी साहू, प्रेम साहू, पुनीत विश्वकर्मा, हेमंत देवांगन, सोहन सिन्हा बल्लू यादव ,राधे चक्रधारी, भूपेंद्र सोनी,रामरतन सहित कौसिल्या माता वार्ड नवापारा नगर के सभी नागरिकों का बहुमूल्य योगदान रहा, आभार प्रदर्शन मनोज सेन ने किया।

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