प्रगति महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने मेहंदी रचाकर किया खुशीयों का इजहार

एजुकेशन

जैज 2019 में वाद विवाद , कविता व मेंहदी ,प्रतियोगिता का आयोजन


रायपुर। भारतीय संस्कार मेहंदी द्वारा खुशी का इजहार किया जाता है जहां मेहंदी रस्मो रिवाज कि एक पावन प्रक्रिया है। वही कलात्मक अभिव्यक्ति मेहंदी द्वारा की जाती है। गुरुवार को प्रगति महाविद्यालय चौबे कॉलोनी रायपुर में विद्यार्थियों ने अरेबियन मेहंदी इंडो अरेबियन मेहंदी ब्राइडल मेहंदी डिज़ाइनर मेहंदी भरी मेहंदी फ्लावर मेहंदी बनाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने बहुत ही सूचना एवं सुंदर तरीके से अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। इस अवसर पर डॉक्टर सौम्या नैयर ने बताया तीक्षण बुद्धि में प्रशंसा की एवं सोशल मीडिया के सीमित प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि कल की भावी पीढ़ी का ज्ञान कहीं शून्य न रह जाए, इसकी निर्णायक पूनम गुर्जर रही। कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।इसके निर्णायक मुकेश शाह रहे। इस कार्यक्रम की अगली कड़ी में काव्य जीवन की सुख दुख आशा निराशा, आओ पर्यावरण बचाओ, चुनाव अमीर क्या गरीब क्या, क्योंकि मैं इंसान हूं, किसी को कोई ये कैसे बताए, बैठ जाता हूं मिट्टी में अक्सर आसमान में उनकी ऊंची उड़ान होती है विषयों पर अद्भुत प्रस्तुति दी। काव्य के माध्यम से व्यक्ति अपनी मार्मिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करता है। काव्य पाठ की व्यंगात्मक, संवेदनात्मक राग में अभिव्यक्ति सुन श्रोता गण भाव मय हुवे। इसके निर्णायक लोमेश कुमार साहू रहे। सुनो ना मां सुनो ना क्यों जन्म दिया तूने इस दुनिया में के शीर्षक सेजल सिंह कश्यप थे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यार्थियों एवं प्रधानाध्यापकों की सराहनीय भूमिका रही जिसमें सभी विभागों के समस्त प्रभारी उपस्थित थे जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।

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